अंतिम समीक्षा:
इस्लाम क्या है?
ईमान के छह स्तंभ हैं: अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों, उसके रसूलों, आख़िरत के दिन और तक़दीर पर ईमान। तौहीद का अर्थ केवल अल्लाह की इबादत करना है। शहादा को समझकर और सच्चे ईमान के साथ पढ़ें। किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं। अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पाँच नमाज़ों, अल्लाह के ज़िक्र, हलाल भोजन व कमाई, अच्छे अख़लाक़, परिवार के अधिकार, ईमानदारी और हराम से बचने पर आधारित करें।
अल्लाह कौन है?
ईमान के छह स्तंभ हैं: अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों, उसके रसूलों, आख़िरत के दिन और तक़दीर पर ईमान। तौहीद का अर्थ केवल अल्लाह की इबादत करना है। मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं।
मुहम्मद ﷺ कौन हैं?
मुहम्मद ﷺ अल्लाह के अंतिम रसूल हैं। उनकी सीरत, चरित्र और सही सुन्नत सीखें; उनका आदर्श इस्लाम पर अमल करना सिखाता है। मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं।
Quran क्या है?
क़ुरआन अल्लाह का उतारा हुआ कलाम और मुसलमान का मुख्य मार्गदर्शक है। इसे नियमित पढ़ें, अपनी भाषा में अर्थ सीखें और धीरे-धीरे अरबी सीखें।
इस्लाम में ईसा और मरियम
इस्लाम में ईसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के सम्मानित नबी और रसूल हैं, जो मरियम से चमत्कारिक रूप से पैदा हुए। मुसलमान मरियम के ईमान और पवित्रता का सम्मान करते हैं और केवल अल्लाह की इबादत करते हैं, ईसा या मरियम की नहीं।
मुसलमान नमाज़ क्यों पढ़ते हैं?
वुज़ू और पाँचों दैनिक नमाज़ें धीरे-धीरे सीखें। अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पाँच नमाज़ों, अल्लाह के ज़िक्र, हलाल भोजन व कमाई, अच्छे अख़लाक़, परिवार के अधिकार, ईमानदारी और हराम से बचने पर आधारित करें।
इस्लाम में मृत्यु के बाद क्या होता है?
ईमान के छह स्तंभ हैं: अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों, उसके रसूलों, आख़िरत के दिन और तक़दीर पर ईमान। तौहीद का अर्थ केवल अल्लाह की इबादत करना है।